Sunday, January 6, 2013

तुम न होती तो ..




तुम न होती तो ...मुझे कभी भी मौसम समझ में नहीं आते .
न फूल , न रंग , न ही हवा और न ही बारिश 
और हाँ न , न ही उदासी , जो तुम्हारे नहीं होने की वजह से है . 
तुम न होती तो न मुझे प्यार समझ आता और न ही बेवफाई ...
खुदा तुझे खुश रक्खे .....!


4 comments:

  1. वाह! क्या बात है, सुंदर।

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  3. जिन्दगी के इतने पाठ सिखाए जिसने,
    क्यों उसने वफा के पाठ की गहराई को जाना नहीं ?
    ये विडंबना कैसी है ? ए खुदा तुम्हारी
    जमीन पर पाँव तुम्हारे नहीं , आकाश में न उड़ने की हिदायतें फिर देते क्यों हो
    दुनिया की समझ देने वाले
    तू क्यों? नासमझ निकला .......

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