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Thursday, March 13, 2014

दुनिया, तुम और मैं !!!

दुनिया भर घूम आते हो 
दुनिया को जी भर कर देखते हो 
दुनिया से बाते करते रहते हो ....

.......कभी उस मोड़ पर भी चले आओ.....जहाँ हम खड़े है 
……….कभी हमें भी जी भर कर देख लो …….आँखे तुम्हारा इन्तजार करती रहती है 
………कभी एक लफ्ज़ हमारे नाम कर दो .......मन तुम्हे सुनने को तरस रहा है 

और फिर..... दुनिया के पास वो निगाहें कहाँ जो हमारे पास है !
और दुनिया के पास वो अलफ़ाज़ कहाँ जो हमारे दिल में है !
और इस फानी दुनिया के पास वो आगोश कहाँ जो हमारे बांहों में है !

....choice is all yours boss !
all you have to remember that YOU live only once ....!

या तो इस तरह जी लो या फिर उस तरह ही जी जाओ , जो जी रहे हो .
फर्क बहुत मामूली है , उस जहान में मैं नहीं और इस जहान में मेरे सिवा कुछ भी नहीं ..!

Friday, January 31, 2014

प्रेम

जाने वाला तो कब का जा चूका है यार ,
और अब तो वो "शायद" तुम्हे भुला भी चूका है ...
लेकिन तुम अब भी उसी मोड़ पर खड़े हो ,
जहाँ उसने तुम्हारा साथ छोड़ा था .........

किस का इन्तजार है दोस्त.....कोई नहीं आयेंगा !
फूल सूख चुके है यादो की तरह .
चाँद भी बदल ही गया है उसकी तरह !
ये तुम्हारे दुःख है ....तुम्हे ही जीना होंगा इसे ....
प्रेम होता ही कुछ ऐसा है यार !


Monday, August 5, 2013

फासला

कभी कभी बीच का फासला एक जमीन से एक आसमान की दूरी पर हो जाता है  / बन जाता है . और कई जन्म इस फासले को तय करने में कम पड़ते है . कभी हम जमीन पर खड़े नज़र आते है और कभी वो आसमान /फलक पर सितारे बन उड़ते है ......और ये बेमज़ा ज़िन्दगी यूँ ही बस कट जाती है ......

Friday, May 10, 2013

प्रेम



प्रेम अलग है , जीवन अलग है , समाज अलग है , प्रेम इन सब बातो से परे है , ऊपर है . सर्वोच्च है . प्रेम की अपनी ही बानगी है और अपना ही एक अलग जीवन , प्रेम इस समाज से परे एक और नए समाज में जीता है . प्रेम की असफलता के कई कारण हो सकते है , पर प्रेम के होने का एक ही कारण है और वो होता है सिर्फ प्रेम... और संसार की प्रेम कहानिया गवाह है की , प्रेम ने समाज को अपना नहीं समझा और समाज ने भी प्रेम को नहीं अपनाया .... लेकिन प्रेम की सफलता या असफलता ही ज़िन्दगी का जीने का आसरा बनता है .. ऐसा मेरा मानना है .

Saturday, March 2, 2013

बेवफाई

बात सिर्फ मोहब्बत की होती तो कुछ और बात थी.. 
चर्चे तेरी बेवफाई के हर गली ,हर द्वारे हो गए ..
अपने इश्क का कुछ ऐसा इनाम मिलेंगा , 
मुझे मालुम न था.. 
कि लोग तुझे बेवफा कहते है 
और मुझ पर हँसते है !!!!

Friday, December 7, 2012

मोहब्बत

मोहब्बत कुछ तुझमे ,कुछ मुझमे अब तलक है बाकी ....
दिल में तेरे और मेरे भी , आग अब तलक है बाकी ...
तुम कहते हो कि राख का ढेर है ;
मैं कहता हूँ कि थोडा सा कुरेदो ;
तुम पाओंगे कि इश्क की चिंगारियां अब तलक है बाकी ....!!

Friday, November 23, 2012

इश्क

जिस तरह से तेरा कुछ ,अब तलक मुझे में बाकी है ।
उसी ख्यालो -तसव्वुर में ;
मेरा भी कुछ , जरुर ; तुझमे बाकी होंगा ।
हाँ , ये अलग बात है की , 
इश्क हमेशा  जिंदा रहता है , 
और ; 
इश्क करने वाले  मर जाते है  -- जीते जी !!!