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Sunday, August 31, 2014

अमृता प्रीतम

कई बाते ऐसी होती हैं की उन्हें लफ्जो की सजा नहीं देनी चाहिए...
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अमृता प्रीतम

अमृता , यदि आप न होती तो मेरी मुलाकात लफ्जों से नहीं होती. और न ही मैं आज कवि या कहानीकार होता . मेरे अलफ़ाज़ भी बस आपके ही कलम के हमसाया है . एक मुलाकात जो आपसे की है वो बस इस जन्म के लिए बहुत कुछ है . जन्मदिन मुबारका जी...!



Wednesday, April 25, 2012

इंसान

जैसे उगते हुए सूरज को बार बार देखना ,जैसे कुछ अच्छी फिल्मो को कई बार देखना , जैसे प्रेमिका का चेहरा बार बार देखना ,जैसे सोते हुए बच्चे को लाड करना ,जैसे मनपसंद गानों को हज़ार बार सुनना , जैसे अपनी ही लिखी कविता को बार बार पढ़ना और नए अर्थ खोजना ....कुछ बाते जिंदगी बार repeat करो , फिर भी इंसान थकता नहीं है .. ...

Sunday, April 22, 2012

धडकन

चाँद, मोहब्बत,सितारे और यादे बेहिसाब
कारवां कुछ ऐसा ही होता है रातो को...

कभी कभी एक धडकन रुक सी जाती है
थोड़ी देर के लिए.....!