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Sunday, March 2, 2014

मौन

मैंने अपने भीतर के मौन को सूनी रातो में जागकर शब्दों में बदला है .
क्या तुम उन शब्दों में मौजूद मेरे मौन को सुन सकते हो .


ये वो मौन है जो अब हमेशा हमारे दरमियान रहेगा !

दरअसल ये वो मौन भी है जो हज़ारो सालो से हम जैसो के दरमियान रहा है .
मैं तो बस उस मौन की कश्ती का माझी हूँ .

हां ! ये कश्ती तुम्हारी है . नदी के इस पार मैं रहता हूँ . और उस पार तुम !

तुम नाम जानना चाहते हो . जान लो . नदी का नाम ज़िन्दगी है . कश्ती का नाम मोहब्बत है . माझी मैं हूँ और तुम ?

कौन हो तुम ?

Tuesday, August 20, 2013

प्रेम की राह

कभी कभी जीतना ज्यादा जरुरी नही होता है ...
जीना भी आना चाहिए ;
और अक्सर प्रेम की राह पर जीते हुए हारा जाता है .
हां ! सच्ची ! तुम्हारी कसम !!!

Friday, August 2, 2013

प्रेम

प्रेम हमेशा ही अधुरा होता है . जिसे हम पूर्णता समझते है  , वो कभी भी प्रेम नहीं हो सकता . प्रेम का कैनवास इतना बड़ा होता है कि एक ज़िन्दगी भी उसमे समा नहीं जा सकती है . इसी ज़िन्दगी और प्रेम के युद्ध में अक्सर ही ज़िन्दगी की जीत [ ? ] होती है .   और प्रेम की हार [ ? ] - प्रश्न चिन्ह इसलिए है कि , हार -जीत की परिभाषा हम सब के लिए इस विषय में अलग अलग होती है . 

प्रेम -एक जीवन में जिया गया सबसे खूबसूरत अनुभव होता है . 

Wednesday, May 9, 2012

चाँद

ये जो चाँद है न ,वो रात को निकलता है .....!!
वैसे तो चाँद हर रोज निकलता है , पर कभी कभी अमावस आ जाती है ......
और इस बार की अमावस अब खत्म नहीं होंगी कभी .....!

Wednesday, April 25, 2012

इंसान

जैसे उगते हुए सूरज को बार बार देखना ,जैसे कुछ अच्छी फिल्मो को कई बार देखना , जैसे प्रेमिका का चेहरा बार बार देखना ,जैसे सोते हुए बच्चे को लाड करना ,जैसे मनपसंद गानों को हज़ार बार सुनना , जैसे अपनी ही लिखी कविता को बार बार पढ़ना और नए अर्थ खोजना ....कुछ बाते जिंदगी बार repeat करो , फिर भी इंसान थकता नहीं है .. ...

Wednesday, April 4, 2012

ईश्वर का निजाम


दोस्तों ,अक्सर हम शिकायत करते है की मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ , लेकिन कुछ समय बीत जाने के बाद लगता है की जो हुआ अच्छा ही हुआ , जो होता है अच्छे के लिए ही होता है . ईश्वर के बनाए हुए निजाम में थोड़ी देर के लिए लगता है की गलत हुआ है , लेकिन यही सही होता है ,जो कि कुछ देर के बाद पता चलता है . समय सब दर्दो की दवा है .. ...

Tuesday, March 27, 2012

अक्सर ...!!


अक्सर साल गुजर जाते है ;
और पता भी नहीं चलता ....
लेकिन कोई कोई दिन ऐसा आता है कि ;
ज़िन्दगी फिर बरसो के लिए ठहर जाती है ...!
.....
कोई सड़क ...
कोई मोड़ ......
कोई छूटता हुआ हाथ ....
कोई नयी कहानी ..
........


कमबख्त मोहब्बत  न होती तो ही अच्छा था !!
ज़िन्दगी के दरख्तों में उम्र के पलो  को मिलते हुए तो देख लेता !!!