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Sunday, March 2, 2014

मौन

मैंने अपने भीतर के मौन को सूनी रातो में जागकर शब्दों में बदला है .
क्या तुम उन शब्दों में मौजूद मेरे मौन को सुन सकते हो .


ये वो मौन है जो अब हमेशा हमारे दरमियान रहेगा !

दरअसल ये वो मौन भी है जो हज़ारो सालो से हम जैसो के दरमियान रहा है .
मैं तो बस उस मौन की कश्ती का माझी हूँ .

हां ! ये कश्ती तुम्हारी है . नदी के इस पार मैं रहता हूँ . और उस पार तुम !

तुम नाम जानना चाहते हो . जान लो . नदी का नाम ज़िन्दगी है . कश्ती का नाम मोहब्बत है . माझी मैं हूँ और तुम ?

कौन हो तुम ?

Monday, December 9, 2013

सपने

सपने ज्यादा देखने चाहिए दोस्तों, क्योंकि सपनो के बुनने की गति से ज्यादा सपनो के टूटने की होती है . इसलिए चाहे जितने सपने टूटे , अंत में कुछ सपने तो बचे ही रहना चाहिए न - नयी उर्जा के लिए, नए जीवन के लिए और नए जन्म के लिए !

Sunday, June 9, 2013

मैं , शब्द , सपने और साँसे ............

मेरे और शब्दों में अब एक रिश्ता बन गया है .... 
मैं रहूँ या न भी रहूँ.....मेरे शब्द हमेशा रहेंगे ....
सच में .. 

किसी सपने में एक जोगी ने कहा था ..
कुछ नज़्म लिख लो यार 
चाँद सांसे मैं उधार दे दूंगा .. 
अब तलक उस जोगी की साँसे चल रही है ,
खुदा जाने , कब उसकी साँसे ख़त्म होंगी 
और कब मेरी कलम रुकेंगी !
खुदा जाने ...

Thursday, July 19, 2012

मेरा नाम


.......और मैं अब भी उस बारिश का इन्तजार कर रहा हूँ.....धुंध के बादल अब वापस जाने लगे है ... सोचते रहता हूँ. कि ....कोई किसी आसमां से मेरा नाम तो लेकर पुकारे......

.......क्योंकि अब जीवन की  उदास राहे एक मरे हुए शरीर के बोझ को ढोते ढोते थक गयी है ...

.........पर एक  उम्मीद  है  कि कोई सूरज बनकर जरुर आयेंगा !

आमीन

Wednesday, July 11, 2012

प्यार

मेरे उम्र के कुछ दिन , कभी तुम्हारे साडी में अटके तो कभी तुम्हारी चुनरी में ....
कुछ राते इसी तरह से ; कभी तुम्हारे जिस्म में अटके तो कभी तुम्हारी साँसों में .....

मेरे ज़िन्दगी के लम्हे बेचारे बहुत छोटे थे.
वो अक्सर तुम्हारे होंठो पर ही रुक जाते थे.

फिर उन लम्हों के भी टुकड़े हुए हज़ार
वो हमारे सपनो में बिखर गए !

और फिर मोहब्बत के दरवेशो ने उन सपनो को बड़ी मेहनत से सहेजा . उन्हें बामुश्किल इबादत दी . और फिर अक्सर ही किसी बहती नदी के किनारे बिखेर दिए .
यूँ ही ज़िन्दगी के दास्तानों में हम नज़र आते है .. उन्ही सपनो को चुनते हुए.. अपने आंसुओ से सींचते हुए..

गर्मी के मौसम में साँसों से हवा देते हुए और सर्दियों में उन्ही साँसों से गर्माते हुए .
बारिशो में सपनो के साथ बहते हुए ..

कहानी बड़ी लम्बी है जानां ...

लेकिन मुझ में बड़ा हौसला है . कुछ खुदा का मेहर भी है

मैं हर रोज , अपनी बड़ी बेउम्मीद ज़िन्दगी से कुछ लम्हों में तुम्हारे लिए नज्मे बुनता हूँ और फिर उन्ही नज्मो के अक्षरों में तुझे तलाशता हूँ.

तुझे मेरा इकबाल करना होंगा इस हुनर के लिए जो दरवेशो ने मुझे बक्शी है ....मैं हर जन्म कुछ ऐसे ही गुजारना चाहता हूँ तेरे पलकों की छाँव में जहाँ तेरे हर अश्क में मेरी इस कहानी का अक्षर समाया हो .

हां , यही अब मेरी इल्तजा है .
और यही मेरा प्यार है तेरे लिये जानां !

हाँ !

Monday, July 9, 2012

साहिल

किसी साहिल पर मिलने का वादा करके तुम चली गयी थी .
बड़े जन्म बीत गये ...
मैं अब वही खड़ा हूँ. जहाँ तुम मुझे छोड़ गयी थी .
न वो साहिल मिला
और न ही तुम. ....!

Tuesday, June 12, 2012

अकेलापन

अकेलापन चुभता है किसी कैक्टस  की तरह
और डसता  है एक ज़हरीले  नाग की तरह भी ;
भीड़ की शोर मचाती हुई तन्हाईयाँ
मन को कोई सावन नहीं दिखलाती
अकेलापन अब जीवन का बन गया है पर्याय
मृत्यु ; क्या तुम भी इतनी ही दुखदायी होंगी ?

Monday, June 11, 2012

इश्क

.......तुम्हारा मेल दोस्ती की हद को छु गया
दोस्ती मोहब्बत की हद तक गई !
मोहब्बत इश्क की हद तक !
और इश्क जूनून की हद तक !

.......अमृता प्रीतम

Friday, May 18, 2012

सपने

जीवन में अब बहुत कुछ की उम्मीद नहीं है ,पर हाँ ;
सपने है एक नयी बदलती दुनिया के , एक बेहतर और खूबसूरत दुनिया के ,
कविता के , अक्षरों के , अल्फाज के ध्वनि के ,
फूलो के , बादलों के, चाँद के ,
किताबो के , संगीत के ,
बस सपने ही सपने है और इन्ही सपने पर मेरी साँसे चल रही है ........

Friday, April 27, 2012

जिंदगी

जिंदगी की खूबसूरती में शरीर का रोल नगण्य होता है . जिंदगी विचारों की ख़ूबसूरती से बनती है . जीवन जीने की कला से बनती है जिंदगी और मैं तो कम से कम इस जिंदगी को सलाम करता हूँ .

Wednesday, April 25, 2012

इंसान

जैसे उगते हुए सूरज को बार बार देखना ,जैसे कुछ अच्छी फिल्मो को कई बार देखना , जैसे प्रेमिका का चेहरा बार बार देखना ,जैसे सोते हुए बच्चे को लाड करना ,जैसे मनपसंद गानों को हज़ार बार सुनना , जैसे अपनी ही लिखी कविता को बार बार पढ़ना और नए अर्थ खोजना ....कुछ बाते जिंदगी बार repeat करो , फिर भी इंसान थकता नहीं है .. ...

Sunday, April 22, 2012

धडकन

चाँद, मोहब्बत,सितारे और यादे बेहिसाब
कारवां कुछ ऐसा ही होता है रातो को...

कभी कभी एक धडकन रुक सी जाती है
थोड़ी देर के लिए.....!

प्रेम

प्रेम की व्यापकता बहुत बड़ी होती है , इतनी की उसमे जग समा जाए . और हर किसी के लिये प्रेम के मायने, आयाम, अनुभव और मतलब अलग लगा ही होते है .

जिंदगी

एक जिंदगी वो है , जो हम हकीक़त  में जीते है
और एक जिंदगी वो है , जो हम सपनो में जीते है .

सपने सिर्फ सपने ही बन कर रह जाते है .
हकीक़त सर चढ कर रुलाती है .